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Rajasthan Roadways: महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! राजस्थान रोडवेज में सफ़र के समय महिलाओ को मिलेगी सुरक्षा

Khabar Fatafat Digital Desk: रोडवेज विभाग द्वारा महिलाओ के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है जिसमें महिलाओ को सफर के समय राजस्थान रोडवेज की तरफ से सुरक्षा दी जाएगी तथा अन्य कुछ भी महिलओ के लिए है पूरी जानकारी इसी खबर के माध्य से जाने.

राजस्थान रोडवेज की बसों में रोडवेज विभाग ने एक नवाचार शुरू किया है। यह इनोवेशन आपातकालीन स्थितियों और महिला सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। दिल्ली में निर्भया कांड के बाद यह प्रयोग दिल्ली की बसों में किया गया था और अब इसका प्रयोग राजस्थान रोडवेज की बसों में किया जाएगा। रोडवेज बसों में पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों खासकर महिला यात्रियों को मदद मिल सके। लेकिन इसमें कई व्यवहारिक कमियां भी सामने आई हैं।

रोडवेज बसों में लाल रंग के पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। 3 सेकंड के लिए पैनिक बटन दबाने पर आरएसआरटीसी लाइव ऐप पर डिपो मुख्य प्रबंधक और प्रबंधक संचालन को सूचित किया जाएगा। उसके बाद इस पर कार्रवाई हो सकती है। रोडवेज विभाग के मुताबिक संभावना है कि 30 जून तक सभी 10 हजार बटन चालू हो जाएंगे। अब तक 850 बसों में पैनिक बटन लगाए जा चुके हैं। रोडवेज मुख्यालय पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया जाएगा।

बस ड्राइवर और कंडक्टर को पता नहीं,(Rajasthan News)
हैरानी की बात यह है कि इन बटनों के बारे में न तो ज्यादातर बस डिपो मैनेजरों को पता है और न ही बस ड्राइवर-कंडक्टरों को। ड्राइवर और कंडक्टरों को यह भी नहीं पता कि ये बटन क्यों लगाए जा रहे हैं और इनका क्या उपयोग होगा। 30 जून नजदीक है। 30 जून से पहले सभी ड्राइवरों, कंडक्टरों और डिपो मैनेजरों की वर्कशॉप हो जानी चाहिए थी, लेकिन रोडवेज विभाग के चुनिंदा कर्मचारियों और अधिकारियों को ही इसकी जानकारी है।

ऐसे काम करेंगे ये पैनिक बटन
आपात स्थिति में यात्री को 3 सेकेंड तक बटन दबाना होगा।
प्रेस के बाद जानकारी RSRTC LIVE ऐप पर आ जाएगी।
यह ऐप सभी डिपो मैनेजर और मैनेजर ऑपरेशंस के फोन में इंस्टॉल किया जाएगा।
सूचना मिलने के बाद डिपो मैनेजर कंडक्टर को बुलाएगा।
परिचालक से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
सभी बसों में बटनों के अनावश्यक प्रयोग की सूचना चस्पा की जाएगी।
यह बटन 30 जून तक लाइव होने की संभावना है।
महिला सुरक्षा की दृष्टि से यह पहल अच्छी है। लेकिन अधिकांश जर्जर बसों में ये बटन कितने उपयोगी होंगे, इसे लेकर संशय है। विभाग बटन तो लगा रहा है, लेकिन सुदूरवर्ती इलाकों तक कैसे पहुंचा जाए, इसकी फिलहाल कोई योजना नहीं है। रोडवेज बसों के अंदर अमानक बटन लगाने का मतलब समझ से परे है। यदि यह जानकारी अभी तक सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों के साथ साझा नहीं की गई है, तो यात्रियों को कैसे शिक्षित किया जाएगा? इस विभाग के पास कोई प्लानिंग नहीं है। यह बटन 30 जून तक लाइव होने की संभावना है।

Alpesh Bishnoi

अल्पेश पिछले लम्बे समय से डिजिटल खबरी दुनिया से जुड़े हुए है. हालांकि अल्पेश को Finance बीट में काम करने का अत्यधिक अनुभव है लेकिन वो हर क्षेत्र में अपना हुनर इस वेबसाईट पर दिखा रहे है.

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