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Sarson Ka Bhav: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरसों में आई ताबड़ तोड़ तेजी, जाने यहाँ से भाव 

Khabar Fatafat Digital Desk: किसानों के लिए खुशखबरी है की आज के समय सरसों का भाव तेजी से बड़ा रहा है इसका एक कारण है की विदेशो में सरसों की बढती मांग है जिसके चलते विदेशो के अधिक मात्र में जरूरत होने के कारण सरसों के भाव में तेजी आने लगी हैं.

किसान साथियो पिछले एक हफ्ते में सरसों के भाव 250 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं । जयपुर में जो सरसों एक हफ्ता पहले 5375 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही थी सोमवार शाम को उसका रेट 5625 प्रति क्विंटल तक देखने को मिला है।

अंदर की खबर यह है कि शाम को भी सरसों में 75 रुपए की तेजी देखने को मिली है और अंतिम भाव 5700 के रिपोर्ट किए गए हैं। इसी तरह से भरतपुर मंडी में 10 दिन पहले सरसों का भाव 5100 के आसपास था जो कि अब ₹300 तक बढ़ चुका है और अंतिम भाव 5430 रुपए प्रति क्विंटल तक बताया गया है।

किसान साथियों मंडी भाव टुडे पर हमने पहले ही बता दिया था कि सरसों के भाव में तेजी बन सकती है। आप चाहे तो हमारी पिछली रिपोर्ट निकाल कर देख सकते हैं। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि सरसों में आई है तेजी सरसों के भाव को और कितना उछाल सकती है। इस सवाल का उत्तर जानने के लिए आपको यह रिपोर्ट अंत तक पढ़नी चाहिए।

क्या है तेजी की बड़ी वज़ह
किसान साथियों पिछले एक हफ्ते से तेल तिलहन के बाजार में खबर है कि सरसों का जो उत्पादन अनुमान 121 लाख टन का बताया गया था हकीकत में सरसों इससे काफी कम मात्रा में पैदा हुई है। हरियाणा राजस्थान और उत्तर प्रदेश सभी जगह पर सरसों का उत्पादन कमजोर बताया जा रहा है।

कमजोर उत्पादन की खबरों को देखते हुए तेल मिलों ने पैरिटी ना होने के बावजूद भी सरसों की खरीद को बढ़ा दिया है जिसके चलते एकाएक बाजार में 250 से ₹300 की तेजी आ गई है।

विदेशी बाजारों की अपडेट
साथियो चीन का बाजार डालियान कमोडिटी एक्सचेंज पर खाद्वय तेलों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण सोमवार को मलेशियाई पाम तेल वायदा में तेजी आई। बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, बीएमडी पर जुलाई डिलीवरी के पाम तेल वायदा अनुबंध में दिन के अंत में 58 रिंगिट यानी की 1.71 प्रतिशत की तेजी आकर भाव 3,867 रिंगिट प्रति टन हो गए।

इस दौरान चीन के बाजार डालियान के सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध में 1.18 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि इसके पाम तेल वायदा अनुबंध में भी 1.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें 0.42 प्रतिशत तेज हुई।

जानकारों के अनुसार मलेशिया के औद्योगिक उत्पादन में मंदी और मई की शुरुआत में पाम तेल के निर्यात में गिरावट के हालिया आंकड़ों के बावजूद पाम तेल वायदा में बढ़त दर्ज की गई। कार्गो सर्वेक्षक इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज के अनुसार 1- 10 अप्रैल तक पाम उत्पादों का निर्यात 14.2 प्रतिशत घटकर 369,920 टन का रह गया.

हाजिर मंडियों के ताजा भाव
हाजिर मंडियों में बढ़िया तेजी देखने को मिली है। ताजा भाव की बात करें तो राजस्थान की नोहर मंडी में सरसों का रेट 5611 रुपये, बीकानेर मंडी में सरसों का रेट 5421, पीली सरसों का भाव 7001, पीलीबंगा मंडी में 5250, संगरिया मंडी में सरसों का भाव 5250 लैब 39.80, अनूपगढ़ मंडी में टॉप भाव 5450 और श्री गंगानगर मंडी में सरसों का रेट 5255 रुपये प्रति क्विंटल तक देखने को मिला है।

हरियाणा की मंडियों की बात करें तो सिवानी मंडी में नान कंडीशन सरसों का रेट 5200 रुपये 40 लैब का रेट 5500, आदमपुर मंडी में सरसों का रेट 5371 लैब 41.36, ऐलनाबाद मंडी में सरसों का रेट 5390 और सिरसा मंडी में सरसों का रेट 5440 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा ।

तेल और खल के रेट
जयपुर मंडी में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में सोमवार को भी तेजी दर्ज की गई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 17 रुपये तेज होकर भाव 1,068 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 17 रुपये बढ़कर 1,058 रुपये प्रति 10 किलो के स्तर पर पहुंच गए।

जयपुर में सोमवार को सरसों खल के भाव 65 रुपये तेज होकर 2,750 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 5.25 लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 4.25 लाख बोरियों की ही हुई थी।

कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में सरसों की 3 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 50 हजार बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 50 हजार बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 25 हजार बोरी तथा गुजरात में 20 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 80 हजार बोरियों की आवक हुई।

सरसों को रोके या बेचे
किसान साथियों हम मानते हैं कि सरसों के भाव में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है इस उछाल की वजह यही है कि पहले जितना उत्पादन बताया गया था उस हिसाब से सरसों का उत्पादन नहीं हुआ है। उत्पादन अनुमान घटने के कारण ही सरसों के भाव में यह तेजी देखने को मिली है।

किसान साथियों आपको यह भूलना नहीं चाहिए कि सरसों को खरीद कर तेल बनाने में अभी भी पैरिटी नहीं है। कहने का मतलब यह है कि अगर आप आज की डेट में ₹5700 में सरसों खरीदते हैं और उससे तेल को 1050 रुपए प्रति 10 किलो के हिसाब में बेचते हैं और 2700 के हिसाब में खल को बेचते हैं तो आपको नुकसान होता है।

ऐसे में जब मिलों को सरसों खरीदकर तेल बनाने में नुकसान हो रहा हो तो सरसों में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। कम उत्पादन की खबरों के कारण ही मिलों ने खरीद बढ़ाई है और सरसों तेज हुई है। कल के बाजार को विदेशी बाजारों की तेजी का भी बहुत तगड़ा सहारा मिला है।

इस समय जिन किसान साथियो के पास सरसों रखी हुई है उन्हें थोड़ा बहुत माल निकालने के बारे में जरूर सोचना चाहिए। क्योंकि ज्यादा उपर के भाव में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। जिस दिन विदेशी बाजारों में मंदी आ गई उसी दिन भाव टूट जाएंगे।

इसलिए थोड़ा थोड़ा माल निकालते रहने में समझदारी है। जिन किसान साथियो को भारी रिस्क लेना है वे दिवाली तक माल को होल्ड कर सकते हैं। बाकि व्यापार अपने विवेक से करे

Alpesh Bishnoi

अल्पेश पिछले लम्बे समय से डिजिटल खबरी दुनिया से जुड़े हुए है. हालांकि अल्पेश को Finance बीट में काम करने का अत्यधिक अनुभव है लेकिन वो हर क्षेत्र में अपना हुनर इस वेबसाईट पर दिखा रहे है.

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